- पेयजल से चिकित्सा तक पुख्ता इंतजाम, 8 मेडिकल रिलीफ पोस्ट, 7 एंबुलेंस और 36 स्वास्थ्यकर्मी तैनात; 22,750 श्रद्धालुओं को मिल चुकी चिकित्सा सुविधा
पौड़ी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में जिला प्रशासन ने नीलकंठ महादेव कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के नीलकंठ पहुंचने के बीच जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की निगरानी में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर पेयजल, सड़क, विद्युत, स्वच्छता, चिकित्सा, यातायात और सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है।
आकस्मिक स्थिति से निपटने को 24 घंटे जेसीबी तैनात
कांवड़ यात्रियों की सुगम आवाजाही के लिए चारधाम यात्रा के मोटर मार्गों और पैदल मार्गों पर सुदृढ़ीकरण, मरम्मत एवं उन्नयन कार्य कराए गए हैं। पार्किंग से नीलकंठ मंदिर तक करीब डेढ़ किलोमीटर मार्ग पर इंटरलॉकिंग टाइल्स, गरुड़चट्टी से पीपलकोठी तक डीबीएम एवं इंटरलॉकिंग टाइल्स तथा बैराज से गरुड़चट्टी तक पेचवर्क कराया गया है। किसी भी आकस्मिक स्थिति में सड़क सुधार और मलबा हटाने के लिए लोक निर्माण विभाग की पांच जेसीबी मशीनें ऑपरेटरों सहित 24 घंटे तैनात रखी गई हैं।
बीन नदी पार कराने में प्रशासन की विशेष निगरानी
बीन नदी में कांवड़ यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। नदी पार करते समय प्रशासन की टीमें श्रद्धालुओं को आवश्यक सहयोग और मार्गदर्शन दे रही हैं। नदी क्षेत्र में भी लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।
ओपन ट्रांसफार्मर हटाकर लगाया कॉम्पैक्ट सब-स्टेशन
विद्युत व्यवस्था को सुरक्षित और निर्बाध बनाने के लिए नीलकंठ मंदिर के सामने स्थित ओपन ट्रांसफार्मर को हटाकर कॉम्पैक्ट सब-स्टेशन स्थापित किया गया है। इससे नीलकंठ क्षेत्र में दिन-रात निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ विद्युत व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाया गया है।
18 स्टैंड पोस्ट और सात टैंकरों से पेयजल आपूर्ति
कांवड़ यात्रियों की सुविधा के लिए जल संस्थान की ओर से नीलकंठ क्षेत्र और यात्रा मार्ग पर 18 स्टैंड पोस्ट स्थापित किए गए हैं। इनमें नौ पैदल मार्ग और नौ सड़क मार्ग पर हैं। इसके अतिरिक्त पेयजल आपूर्ति के लिए सात टैंकर भी लगाए गए हैं। प्रमुख स्थानों पर पेयजल की उपलब्धता की लगातार निगरानी की जा रही है।
8 मेडिकल रिलीफ पोस्ट, 7 एंबुलेंस और 36 स्वास्थ्यकर्मी
कांवड़ यात्रा के दौरान त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नीलकंठ क्षेत्र में आठ मेडिकल रिलीफ पोस्ट, 36 स्वास्थ्यकर्मी और सात एंबुलेंस तैनात की गई हैं। अब तक 22,750 श्रद्धालुओं को चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जा चुकी हैं। सभी मेडिकल रिलीफ पोस्ट पर आवश्यक दवाइयों के साथ एंटी स्नेक वेनम, एंटी रेबीज वैक्सीन और 24 पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराए गए हैं।
50 सफाईकर्मी और 22 कूड़ेदानों से स्वच्छता व्यवस्था
नीलकंठ क्षेत्र को स्वच्छ एवं सुविधाजनक बनाए रखने के लिए 50 सफाईकर्मी, चार कूड़ा पिकअप वाहन और 22 कूड़ेदान तैनात किए गए हैं। विभिन्न स्थानों पर शौचालय, बायो-टॉयलेट और पिंक टॉयलेट की व्यवस्था की गई है। बरसात के दौरान फिसलन रोकने के लिए नियमित रूप से ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया जा रहा है। स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी के लिए भी 10 कार्मिक तैनात किए गए हैं।
यातायात और वन्यजीव सुरक्षा पर भी नजर
पुलिस विभाग द्वारा यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संभाला जा रहा है। विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद रहकर आपसी समन्वय से श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। पैदल यात्रा मार्गों पर वन्यजीवों से श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए वन विभाग के फॉरेस्ट गार्ड भी लगातार गश्त कर रहे हैं और यात्रियों को आवश्यक सहायता प्रदान कर रहे हैं।
श्रद्धालुओं ने व्यवस्थाओं को बताया सुविधाजनक
नीलकंठ पहुंच रहे कांवड़ यात्रियों ने जिला प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। श्रद्धालुओं ने कहा कि यात्रा मार्ग पर पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, चिकित्सा, विद्युत और यातायात जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होने से यात्रा काफी सुविधाजनक हो रही है। विभिन्न विभागों के कार्मिकों की मौके पर मौजूदगी और जरूरत पड़ने पर त्वरित सहायता को भी यात्रियों ने सराहनीय बताया।
जिला प्रशासन द्वारा यात्रा मार्ग से लेकर नीलकंठ क्षेत्र तक व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि कांवड़ यात्रियों को पूरी यात्रा के दौरान सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

