- एक सप्ताह में भूमि तलाशकर रिपोर्ट देने के निर्देश, जिलाधिकारी से समन्वय कर विभाग के नाम भूमि पंजीकृत कराने की तैयारी।
उत्तरकाशी। जनपद उत्तरकाशी में राजकीय आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की स्थापना की दिशा में विभागीय कवायद तेज हो गई है। शासन स्तर पर प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के लिए करीब 3 से 5 एकड़ निशुल्क भूमि की आवश्यकता बताई गई है। इस संबंध में निदेशक, आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवाएं, उत्तराखंड की ओर से जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी उत्तरकाशी को भूमि तलाशने और उसका प्रस्ताव तत्काल निदेशालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
निदेशालय की ओर से 24 अगस्त 2026 को जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जनपद में राजकीय आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की स्थापना प्रस्तावित है। इसके लिए प्रत्येक जनपद में लगभग 3 से 5 एकड़ भूमि की आवश्यकता है। भूमि निशुल्क उपलब्ध कराने के साथ ही उसे विभाग के नाम पंजीकृत कराने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्देश मिलने के बाद जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी उत्तरकाशी ने भूमि की तलाश और चिन्हांकन के लिए चिकित्साधिकारियों की समिति गठित कर दी है। समिति में जिले के विभिन्न विकासखंडों में तैनात आयुर्वेदिक चिकित्सकों को शामिल किया गया है। समिति के सदस्यों को स्थानीय स्तर पर उपयुक्त भूमि की तलाश करने की जिम्मेदारी दी गई है।
समिति के सदस्यों को निर्देशित किया गया है कि वे विधायक, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों, जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी और तहसीलदार समेत संबंधित अधिकारियों से समन्वय स्थापित करें। इसके बाद मेडिकल कॉलेज के लिए उपयुक्त भूमि की पहचान और चिन्हांकन कर उसकी सूचना जिला कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए।
विभाग ने समिति को एक सप्ताह के भीतर भूमि संबंधी सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि समयबद्ध तरीके से पूरी आख्या निदेशालय को भेजी जा सके। इसके बाद चयनित भूमि को विभाग के नाम पंजीकृत कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
उत्तरकाशी के साथ पिथौरागढ़ में भी प्रस्तावित
आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवाओं के निदेशक डॉ. आर.पी. सिंह की ओर से जारी पत्र के मुताबिक उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ दोनों जिलों में राजकीय आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की स्थापना प्रस्तावित है। दोनों जिलों के जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारियों को संबंधित जिलाधिकारियों से समन्वय कर 3 से 5 एकड़ निशुल्क भूमि तलाशने के निर्देश दिए गए हैं।
भूमि उपलब्ध होने के बाद उसे विभाग के नाम पंजीकृत कराकर प्रस्ताव निदेशालय को भेजा जाना है। इस पहल से उत्तरकाशी में आयुर्वेदिक चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएं बनने की उम्मीद है। मेडिकल कॉलेज स्थापित होने पर स्थानीय युवाओं को आयुर्वेदिक चिकित्सा शिक्षा के लिए बेहतर अवसर मिलने के साथ क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को भी गति मिल सकती है।

