बम-बम भोले के जयकारों के बीच बाबा रुद्रनाथ की डोली मूल धाम रवाना

गोपेश्वर (चमोली)। गोपेश्वर की पावन धरा रविवार को भक्ति, आस्था और शिवमय वातावरण से सराबोर हो उठी, जब पंच केदारों में चतुर्थ केदार भगवान श्री रुद्रनाथ जी की उत्सव डोली अपने शीतकालीन प्रवास स्थल गोपीनाथ मंदिर से विधि-विधान एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ अपने मूल धाम के लिए रवाना हुई।

डोली प्रस्थान के दौरान पूरा गोपेश्वर “बम-बम भोले” और “जय बाबा रुद्रनाथ” के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। वैदिक मंत्रोच्चार, ढोल-दमाऊ और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर धुनों के बीच निकली भव्य शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालु एवं स्थानीय लोग शामिल हुए। हर ओर शिवभक्ति का अद्भुत उत्साह और श्रद्धा का सैलाब दिखाई दिया।

इस अलौकिक अवसर पर जिले के प्रभारी मंत्री एवं ग्राम्य विकास, लघु एवं सूक्ष्म मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री भरत सिंह चैधरी, जिलाधिकारी गौरव कुमार तथा पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार मौजूद रहे। सभी ने भगवान गोपीनाथ एवं बाबा रुद्रनाथ की उत्सव डोली के सम्मुख शीश नवाकर प्रदेश की सुख-समृद्धि तथा चारधाम यात्रा के सकुशल संचालन की कामना की। इस दौरान भारतीय सेना के बैंड की मधुर प्रस्तुतियों ने आयोजन की भव्यता को और अधिक गौरवपूर्ण बना दिया। सेना बैंड की धुनों ने श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित किया और वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

डोली प्रस्थान के इस दिव्य दृश्य का साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु गोपेश्वर पहुंचे। बाबा रुद्रनाथ के दर्शन और आशीर्वाद को लेकर भक्तों में विशेष उत्साह और अपार श्रद्धा देखने को मिली। यात्रा के दौरान चमोली पुलिस द्वारा सुरक्षा के व्यापक एवं पुख्ता इंतजाम किए गए थे। संपूर्ण यात्रा मार्ग पर पुलिस बल तैनात कर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था एवं कानून व्यवस्था को सुचारू बनाए रखा गया।

इस अवसर पर मंदिर समिति की ओर से जिलाधिकारी गौरव कुमार एवं पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित भी किया गया। यह सम्मान धार्मिक आयोजनों को सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं सफल बनाने में प्रशासन एवं पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति आभार स्वरूप प्रदान किया गया।

गौरतलब है कि पंच केदारों में चतुर्थ केदार के रूप में विख्यात रुद्रनाथ मंदिर के कपाट 18 मई  को ब्रह्म मुहूर्त में श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे, जिसके बाद बाबा रुद्रनाथ ग्रीष्मकाल हेतु अपने मूल धाम में विराजमान होंगे।

इस दौरान कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, पूर्व काबिना मंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी, पालिकाध्यक्ष संदीप रावत, दायित्वधारी हरक सिंह नेगी, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बत्र्वाल, रूद्रप्रयाग जिला सह प्रभारी रघुवीर सिंह बिष्ट, मंदिर समिति अध्यक्ष मनोज भट्ट, शांति प्रसाद भट्ट आदि मौजूद रहे।

Portaladmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

पंच केदार और पशुपतिनाथ : आस्था, तप और मोक्ष की अद्भुत कथा

Sun May 17 , 2026
महाभारत काल से जुड़ी पंच केदार और पशुपतिनाथ मंदिर की कथा आज भी श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भक्ति का सबसे बड़ा प्रतीक मानी जाती है। मान्यता के अनुसार, महाभारत का भीषण युद्ध समाप्त होने के बाद पांडव अपने ही कुल, गुरुओं और संबंधियों के वध के कारण गहरे पश्चाताप […]

You May Like

Breaking News

Share
error: Content is protected !!