मोल्टा गांव के बलवंत सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, मामला गरमाया

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के ज्योतिर्मठ विकास खंड के मोल्टा गांव निवासी बलवंत सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला गरमाने लगा है। उत्तराखंड क्रांति दल ने मामले में पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंप कर जांच की मांग की है। उक्रांद के केंद्रीय महामंत्री बृजमोहन सिंह सजवाण ने ज्ञापन के माध्यम से आरोप लगाया है कि सोमवार पांच अप्रैल को कुछ लोग सादे कपड़ों में ज्योतिर्मठ विकास खंड के मोल्टा गांव पहुंचे। जो स्वयं को हरियाणा पुलिस के बता रहे थे। उन्होंने घर की तलाशी के नाम पर सामान को तितर बितर करना शुरू किया। इस पर परिजनों ने विरोध किया तो पुलिस वालों ने परिजनों की एक न सुनी और अभ्रदता करते रहे और बलवंत सिंह को अपने साथ ले गए। इसके बाद दिन में परिजनों को फोन पर सूचना मिली की बलवंत सिंह की तबीयत खराब होने के चलते उन्हें श्रीनगर बेस चिकित्सालय में भर्ती किया गया है। इस पर परिजन जब बेस अस्पताल पहुंचे तो उन्हें बलवंत सिंह मृत अवस्था में मिला और हरियाणा पुलिस के सिपाही बताने वाले एक भी व्यक्ति वहां नहीं मिला। इस पर परिजन सोमवार को जब थाना गोपेश्वर में तहरीर देने पहुंचे तो उनकी तहरीर लिखने से इंकार कर दिया गया।

केंद्रीय महामंत्री सजवाण का आरोप है कि कथित हरियाणा पुलिस के जवानों की ओर से बलवन्त सिंह को इस हाल में छोड़कर भाग जाना अपने आप में संदिग्धता को दर्शाता है। इस पर चमोली पुलिस को मुकदमा दर्ज कर जांच करनी चाहिए। लेकिन चमोली पुलिस की ओर से भी हीलाहवाली की जा रही है जो न्याय संगत नहीं है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में एसपी को ज्ञापन सौंप कर परिजनों को न्याय दिलाने की मांग की गई है।

उक्रांद के कार्यकारी अध्यक्ष पंकज पुरोहित ने कहा कि इस प्रकार की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। कहा कि हरियाणा पुलिस के जवानों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, अन्यथा उत्तराखंड क्रांति दल को उग्र आंदोलन के लिए विवश होगा। इस दौरान अशोक बिष्ट, धीरज राणा, महेंद्र नेगी, धीरेंद्र फरस्वाण आदि मौजूद रहे।

 

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