गोपेश्वर (चमोली)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी की मांग को लेकर बुधवार को जिला मुख्यालय गोपेश्वर में वामपंथी दलों ने धरना-प्रदर्शन किया। वाम मोर्चे के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत आयोजित प्रदर्शन में सीपीआई और सीपीएम से जुड़े कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांग की।
सीपीएम के जिला मंत्री मदन मिश्रा और सीपीआई के जिला मंत्री भरत सिंह कुंवर ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता और चुनाव आयोग की विश्वसनीयता लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद है। ऐसे में आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया जाना जरूरी है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग करते हुए कहा कि इस मुद्दे को लेकर देशभर में वामपंथी दलों की ओर से आंदोलन चलाया जा रहा है।
वामपंथी नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वायत्तता और निर्वाचन प्रक्रिया में जनता का विश्वास बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े सवालों पर स्पष्टता की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि चुनाव लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण आधार है और चुनाव कराने वाली संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता पर किसी भी तरह का सवाल नहीं उठना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा परिस्थितियों में निर्वाचन आयोग की भूमिका को लेकर विपक्षी दलों और विभिन्न संगठनों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। इन सवालों का समाधान पारदर्शी तरीके से होना चाहिए।
वामपंथी दलों ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त की बर्खास्तगी की मांग को लेकर उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती, निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और चुनाव आयोग की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
इस दौरान महेशानंद जोशी, पूरन सिंह बुटोला, ज्ञानेंद्र खंतवाल, मीना बिष्ट, अमित कुमार, सुनील कुमार, प्रियंका ढोंडियाल, संगीता देवी, गीता बिष्ट, गजे सिंह बिष्ट, अरुणा डनवासी, पुष्पा कीमोथी, देवेंद्र सिंह रावत समेत कार्यकर्ता मौजूद रहे।

