MBBS फर्जी प्रमाणपत्र : धर्मवीर वर्मा के नाम पर एक और फर्जी प्रमाणपत्र का मामला, सातवां नाम सामने आया

देहरादून। स्वतंत्रता सेनानी धर्मवीर वर्मा के नाम पर कथित उत्तराधिकारी प्रमाणपत्र के मामले में एक और नाम सामने आया है। मोथरोवाला निवासी बताए जा रहे आदित्य ने खुद को धर्मवीर वर्मा का पोता बताते हुए प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया है। प्रशासन ने अब इस प्रमाणपत्र की भी जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही खुद को धर्मवीर वर्मा का नाती, नातिन या पोता-पोती बताने वाले लोगों की संख्या सात हो गई है। जानकारी के अनुसार आदित्य के प्रमाणपत्र में पिता का नाम हरीश चंद दर्ज है और पता मोथरोवाला का बताया गया है। एसडीएम सदर डॉ. अपूर्वा सिंह के अनुसार, पार्थ वर्मा के बाद अब आदित्य के प्रमाणपत्र का भी सत्यापन कराया जाएगा। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि आदित्य ने इस प्रमाणपत्र के आधार पर किसी सरकारी लाभ का दावा किया है या नहीं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उसने अभी तक इसका लाभ लेने का प्रयास नहीं किया है।

पहले चार छात्राओं के प्रमाणपत्र पाए गए थे फर्जी

इस मामले की शुरुआत चार छात्राओं के स्वतंत्रता सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र के जरिए एमबीबीएस में दाखिले से हुई थी। तृप्ति, खुशी, परी और स्वाति ने स्वतंत्रता सेनानी धर्मवीर वर्मा का उत्तराधिकारी होने का दावा करते हुए प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल किया था। प्रशासनिक जांच में प्रमाणपत्रों के साथ लगाए गए दस्तावेज और पते भी संदिग्ध पाए गए। इसके बाद संबंधित मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई और इन दाखिलों को रद्द किया गया। मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। टीम प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया, राजस्व अभिलेखों और दस्तावेजों के सत्यापन की जांच कर रही है। एसआईटी ने संबंधित अधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों से भी पूछताछ की है। जांच में अब तक चार अभ्यर्थियों के दस्तावेजों में दर्ज पते भी सत्यापन के दौरान गलत पाए जाने की जानकारी सामने आई है।

पार्थ वर्मा का प्रमाणपत्र भी निकला फर्जी

इस क्रम में दो दिन पहले पार्थ वर्मा नाम का मामला सामने आया था। उसने खुद को धर्मवीर वर्मा का पोता बताते हुए प्रमाणपत्र बनवाया था। उसका पता पटेलनगर का था, जो जांच में सही पाया गया, लेकिन प्रमाणपत्र को फर्जी बताया गया। पार्थ ने भी एमबीबीएस में दाखिले का प्रयास किया था, हालांकि उसे दाखिला नहीं मिल सका। वह फिलहाल पुलिस जांच में सहयोग कर रहा है।

सत्यापन में लापरवाही पर दो लेखपाल निलंबित

प्रकरण की जांच आगे बढ़ने के साथ प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई हुई है। प्रमाणपत्रों के सत्यापन में लापरवाही सामने आने के बाद तहसील सदर के दो लेखपालों को निलंबित किया गया है। वहीं एसआईटी यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी प्रमाणपत्र तैयार होने और उनके सत्यापन की प्रक्रिया में किन स्तरों पर लापरवाही हुई। प्रशासन के रिकॉर्ड में धर्मवीर वर्मा के नाम से स्वतंत्रता सेनानी होने संबंधी दावे की भी जांच की जा रही है। एसआईटी ने उनके परिवार के सदस्यों से पूछताछ कर उनके बयानों और उपलब्ध दस्तावेजों का मिलान शुरू किया है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सामने आए दावों और प्रमाणपत्रों के पीछे कौन लोग शामिल हैं और दस्तावेज किस स्तर पर तैयार या सत्यापित किए गए।

Portaladmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

बनबसा में चार अक्तूबर को होगी धामी सरकार की कैबिनेट बैठक, गैरसैंण में होगा विधानसभा सत्र

Sat Sep 26 , 2026
देहरादून। उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट बैठक चार अक्तूबर को पहली बार चंपावत जिले के बनबसा में आयोजित की जाएगी। बैठक को लेकर सचिवालय स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विधानसभा क्षेत्र चंपावत में होने वाली इस बैठक को प्रशासनिक और राजनीतिक, दोनों दृष्टि से […]

You May Like

Share
error: Content is protected !!