नम आंखों से विदा हुई नंदा, वाण से वेदनी के लिए रवाना हुई बड़ी जात

  • 40 से अधिक छंतोलियों और सैकड़ों देव निशानों के बढ़ा आस्था का कारवां

गोपेश्वर (चमोली)। मां नंदा की बड़ी जात गुरुवार को वाण से गैरोली पातल होते हुए वेदनी के लिए रवाना हुई। डोली के प्रस्थान का क्षण आते ही वाण में माहौल भावुक हो उठा। अपनी बेटी को विदा करने की परंपरा के अनुरूप ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने नम आंखों से मां नंदा की डोली को अगले पड़ाव के लिए विदाई दी। इस दौरान पूरा वाण क्षेत्र मां नंदा के जयकारों, जागरों और पारंपरिक मांगल गीतों से गूंजता रहा।

डोली के प्रस्थान से पहले जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने मां नंदा की विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने मां नंदा का आशीर्वाद लेकर जनपद की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। पूजा के बाद पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच डोली को रवाना किया गया। श्रद्धालु हाथ जोड़कर मां नंदा का आशीर्वाद लेते रहे और यात्रा के निर्विघ्न संपन्न होने की कामना करते हुए डोली के साथ आगे बढ़े।

बड़ी जात में 40 से अधिक छंतोलियों के साथ सैकड़ों देव निशान और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हैं। वाण से डोली के आगे बढ़ते ही पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन और जागरों से वातावरण नंदामय हो गया। महिलाएं मांगल गीत गाती रहीं तो श्रद्धालु मां नंदा के जयकारे लगाते हुए यात्रा में शामिल हुए। दुर्गम और कठिन पर्वतीय मार्ग पर भी श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह देखते ही बन रहा था।

वाण से गैरोली पातल होते हुए वेदनी की ओर बढ़ी बड़ी जात अब उच्च हिमालयी क्षेत्र की कठिन डगर पर है। यात्रा में शामिल श्रद्धालु पारंपरिक जागर, लोकगीत और मांगल गीत गाते हुए मां नंदा के जयकारे लगा रहे हैं।

इस दौरान थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, अन्य जनप्रतिनिधि, वाणवासी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

डीएम-एसपी ने परखी यात्रा व्यवस्थाएं

मां नंदा की बड़ी जात के अगले पड़ाव के लिए रवाना होने से पहले जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने वाण पहुंचकर यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने यात्रा मार्ग और पड़ाव पर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा तथा अन्य जरूरी इंतजामों का निरीक्षण किया। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगे के पड़ावों पर भी श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा में किसी तरह की कमी न रहे।

उन्होंने यात्रा मार्ग और पड़ावों पर व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करने तथा आवश्यकता के अनुसार तत्काल व्यवस्थाएं दुरुस्त करने को कहा। प्रशासन की ओर से दुर्गम मार्ग और मौसम को देखते हुए श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने तथा निर्धारित मार्ग का ही उपयोग करने की अपील की गई है।

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