चमोली में मौसम ने बदली करवट, बारिश-बर्फबारी से लौटी ठंड

गोपेश्वर (चमोली)। सितंबर के आखिरी दिनों में पहाड़ ने अचानक सर्दी की दस्तक महसूस करा दी। शुक्रवार रात से आसमान से बरसती बारिश और ऊंचाई पर गिरती बर्फ ने चमोली का मिजाज बदल दिया। निचले इलाकों में झमाझम बारिश से जनजीवन थम-सा गया तो बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, औली, रुद्रनाथ समेत ऊंची चोटियां बर्फ की सफेद चादर में ढक गईं। कुछ दिन पहले तक अलमारियों में रखे गर्म कपड़े शनिवार को फिर बाहर निकल आए। लगातार बारिश और ठंड के कारण लोग घरों में दुबकने को मजबूर रहे।

सबसे खूबसूरत और चुनौतीपूर्ण तस्वीर हेमकुंड साहिब से सामने आई। शुक्रवार और शनिवार को हुई बर्फबारी से पूरा धाम बर्फ से ढक गया। गुरुद्वारा साहिब के आसपास सफेद बर्फ की मोटी परत और चारों ओर खड़े हिमाच्छादित पहाड़ों ने माहौल को बेहद मनमोहक बना दिया। खराब मौसम के बीच पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए यह दृश्य आस्था के साथ प्रकृति के अद्भुत रूप का अनुभव भी बन गया। श्रद्धालु गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेकते रहे और बर्फ से ढके पहाड़ों की खूबसूरती को निहारते रहे।

लेकिन इस सुंदरता के बीच रास्तों पर बढ़ी फिसलन ने मुश्किल भी बढ़ा दी है। बर्फ और बारिश के कारण कई जगह रास्ते फिसलन भरे हो गए हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही की जिम्मेदारी पुलिस और एसडीआरएफ के जवानों ने संभाल ली है। मुश्किल रास्तों पर जवान खुद आगे बढ़कर श्रद्धालुओं का हाथ थाम रहे हैं और उन्हें सुरक्षित रास्ता पार करा रहे हैं। कहीं बर्फ पर पैर फिसलने का खतरा है तो कहीं बारिश से रास्ता मुश्किल हो गया है, लेकिन जवान लगातार मोर्चे पर डटे हैं।

हेमकुंड साहिब और घांघरिया क्षेत्र में तैनात जवानों की मुस्तैदी खराब मौसम के बीच श्रद्धालुओं के लिए बड़ा सहारा बनी हुई है। चैकी प्रभारी घांघरिया अमनदीप सिंह लगातार मौके पर जवानों से संपर्क बनाए हुए हैं। मौसम और रास्तों की स्थिति की जानकारी लेते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।

उधर, लगातार बारिश से जिले के निचले इलाकों में भी जनजीवन प्रभावित हुआ है। सड़कों और बाजारों में सामान्य दिनों की अपेक्षा आवाजाही कम रही। मौसम का असर लोगों की दिनचर्या पर साफ दिखाई दिया। दोपहर तक बारिश और ठंड के बीच लोग जरूरी काम से ही घरों से बाहर निकले।

चमोली में मौसम का यह बदला मिजाज पहाड़ों पर एक बार फिर सर्दी की आहट लेकर आया है। ऊंची चोटियों पर बर्फ, निचले इलाकों में बारिश और ठंडी हवाओं के बीच सितंबर में ही लोगों को सर्दियों का अहसास होने लगा है। एक ओर बर्फ से ढके पहाड़ पर्यटकों और श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींच रहे हैं, वहीं दूसरी ओर खराब मौसम के बीच उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और एसडीआरएफ के जवान उसी बर्फीली राह पर डटे हैं।

यात्रा पर भी मौसम की मार

मौसम विभाग की चेतावनी और खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। गढ़वाल आयुक्त के आदेश के बाद शनिवार 26 सितंबर दोपहर से 27 सितंबर तक चारधाम यात्रा स्थगित कर दी गई है। बारिश और बर्फबारी के बीच ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यात्रा करना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा के लिए यात्रा रोकने का निर्णय लिया गया है।

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